नई दिल्ली, मार्च 15 -- आशीष सिंह नई दिल्ली। कभी शाही दरबार की शान कहा जाने वाला जफर महल मौजूदा समय में संरक्षण की गुहार लगा रहा है। प्रवेश द्वार के हिस्से पर लगी फूल की आकृतियां और महल पर बनी विभिन्न नक्काशियां भी वक्त के साथ टूट गई हैं। कुछ समय पहले संगमरमर से बनी जाली भी टूट गई थी, जिसे अब तक संरक्षित नहीं किया जा सका है। इस महल को मुगल शासकों की ओर से बनवाई गई अंतिम संरचना माना जाता है।महल में कई जगहों से पत्थर निकल गए हैं। इसमें स्थित पिलर जर्जर अवस्था में हैं। यही नहीं, प्लास्टर उखड़ रहा है। छतें टूट रही हैं। यहां जगह-जगह घास उग आई है। गुंबद जीर्णशीर्ण अवस्था में हैं। कभी चाक चौबंद व्यवस्था से घिरा यह महल मौजूदा समय में असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। महल के पीछे की दीवार में एक बड़ा सा छेद कर दिया गया है। इससे लोग बिना रोकटोक के...