प्रयागराज, जनवरी 11 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जन्म प्रमाणपत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) जारी करने में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि यह व्यापक भ्रष्टाचार परेशान करने वाला है। कोर्ट ने एक व्यक्ति द्वारा जन्मतिथि में 11 वर्षों की हेरफेर, जालसाजी और धोखाधड़ी पर नाराजगी जताते हुए प्रयागराज पुलिस कमिश्नर को उस व्यक्ति और संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की पीठ ने प्रयागराज के शिवशंकर पाल की याचिका पर यह आदेश दिया। याचिका में पासपोर्ट अथॉरिटी को याची के पासपोर्ट पर जन्मतिथि 1994 से बदलकर 2005 करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने जब रिकॉर्ड की जांच की तो पाया कि याची ने हाईस्कूल की परीक्षा 2011 में पास की है। कोर...