मुरादाबाद, जून 18 -- मुरादाबाद। दूसरी मोहर्रम को गुरुवार को मोहल्ला लाकड़ीवालान में अली यावर नकवी के मकान पर सुबह 9:00 बजे मजलिस शुरू हुई। जिसमें हाजी शबी हैदर नकवी साहब ने मरसिया ख्वानी की।मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैय्यद नकी अब्बास रिजवी ने कहा कि कर्बला में एक जानिब यजीद का लाखों का लश्कर था और दूसरी जानिब हजरत इमाम हुसैन के 72 साथी थे। इमाम हुसैन को यजीद के सिपाह सालार हुर ने रोका लेकिन बाद में जनाबे हुर ने 10 मोहर्रम की रात को अपना फैसला बदला और वो हजरज इमाम हुसैन के लश्कर के साथ हो गए। जिसके बाद कर्बला में सबसे पहले उन्होंने अपनी कुर्बानी दी। यह भी पढ़ें- इमाम हुसैन का जिक्र और मजलिसों का मकसद इस्लाम की सही तस्वीर पेश करना : रिज्वी यह मंजर सुनकर अजादारों की आंखों से आंसू निकाल आए। इस दौरान हाय हुसैन की सदाएं बुलंद होने लगी और आ...