रांची, जुलाई 20 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने झारखंड जनाधिकार महासभा द्वारा सोशल मीडिया पर मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर फैलाए जा रहे दावों को पूरी तरह असत्य और भ्रामक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का 'एन्यूमरेशन फेज' (डेटा संकलन चरण) चल रहा है। इस शुरुआती चरण में तार्किक विसंगतियों (लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी) से संबंधित किसी भी प्रकार के आंकड़ों का आकलन या संकलन संभव ही नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही खबरें मतदाताओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर यह दुष्प्रचार किया जा रहा था कि झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों के हर बूथ पर 30 फीसदी मतदाताओं के नाम लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी सूची में हैं और पूर्वजों के नाम न मिलने से लाख...