बरेली, जनवरी 6 -- डीएम की जनसुनवाई के साथ ही संपूर्ण समाधान दिवस में भी कड़ाके की सर्दी के बाद भी फरियादियों की भीड़ उमड़ी रही। जमीन-तालाबों पर कब्जों के साथ-साथ मुआवजा राशि न मिलने, आवास के नाम पर रिश्वतखोरी, शादी अनुदान के लिए बार-बार दौड़ने जैसी शिकायतों की भरमार रही। एडवोकेट खालिद जिलानी ने शिकायती पत्र देकर बरेली की एक फार्मा कंपनी के उत्पादों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह फार्मा कंपनी व्यापक स्तर पर एक कफ सिरप और आंखों की दवा की बिक्री कर रही है। मुआवजा दिलाने की लगाई गुहार अहरौला गांव की सुशीला देवी ने डीएम के नाम शिकायती पत्र दिया। उनका कहना है कि उनकी 0.4310 हेक्टेयर जमीन बीडीए ने अधिग्रहित की है, लेकिन मुआवजा आज तक नहीं दिया गया है। बताया कि 11 अक्तूबर को बीडीए अफसरों ने 2 महीने के अंदर भुगतान करने को कहा था, ...