रांची, जुलाई 31 -- रांची, वरीय संवाददाता। विश्वकर्मा लेन स्थित सफदर हाशमी सभागार में शुक्रवार को जनवादी लेखन संघ रांची की बैनर तले प्रेमचंद की 146 वीं जयंती मनाई गई। विषय प्रवेश जलेस सचिव एमजेड खान ने की। प्रेमचंद की तीन कहानियां हिंसा परमो धर्म, मंदिर और मस्जिद और जिहाद का हवाला देते हुए कहा कि प्रेमचंद ने धर्मांधता, कट्टरता, सांप्रदायिकता पर जितने आक्रमक तरीके से प्रहार किया है, वो उस समय की जरूरत थी और आज भी उसकी जरूरत है। क्योंकि माहौल को जिस तरह विषाक्त बनाया गया है, वो गंभीर चिंता का विषय है। इसी क्रम में सूरज श्रीवास्तव ने प्रवीण परिमल के जन गीत जय बोलो गुरु घंटाल की को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। कहा कि प्रेमचंद ने जिस सरजर्मी से मोहब्बत का पैगाम दिया था, आज उस सरजर्मी से नफरत की आंधी का बवंडर उठ रहा हे। यह भी पढ़ें- मारवाड़ी कॉ...