सासाराम, फरवरी 26 -- परसथुआ, एक संवाददाता। परसथुआ के विकास में जनप्रतिनिधियों ने उपेक्षा की। परिणामस्वरूप बाजार व इसके आस-पास के क्षेत्रों में विकास की किरण नहीं दिखाई दी। लोगों ने बताया कि बाजार में पेयजल, स्वास्थ्य व शिक्षा की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। बताया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि आते-जाते हैं। विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं। फिर चुनाव जीतने के बाद विकास के मुद्दे को न सदन में उठाते है और ना विकास करने के लिए पहल करते हैं। बताया कि 2025 के पहले के विधायक ने भी विकास के प्रति कोई रूचि नहीं दिखाई। जबकि वे स्थानीय थे। पूर्व सांसद छेदी पासवान ने परसथुआ को प्रखंड बनाने की मांग की थी। पर उसका कोई परिणाम नहीं निकला। समाजसेवी सुरेन्द्र सिंह, मदन मौर्य, कलेन्दर सिंह, रामाशंकर गुप्त आदि ने बताया की परसथुआ स्थित सभी सरकारी प्रतिष्ठा...
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