हापुड़, दिसम्बर 4 -- ब्रजघाट। जनपद की आवोहवा पिछले कुछ दिन से ठीक नहीं है। जनपद प्रदूषित शहरों की सूची में दूसरे नंबर पर है। इसलिए आसमान में फैली जहरीले वायू ने अपना असर मुनष्य के साथ साथ सात समुंद्र पार कर गंगा नगरी में आने वाले विदेशी परिंदों पर डाल दिया है। यहीं कारण है कि इस बार हस्तिनापुर वन्य सेंचुरी के किनारे स्थित गंगा नदी में आने वाले सैकड़ों प्रवासी परिंदों ने आगमन से दूरी बनाकर दूसरी दिशा पकड़ ली है। अब तक मात्र 100 से अधिक पक्षी ही यहां आ सकें है जबकि दिसंबर माह में यहां पक्षियों की संख्या हजारों में पहुंच जाती थी। हालांकि आने वाले दिनों में प्रवासी पक्षियों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। गढ़मुक्तेश्वर हस्तिनापुर वन्य जीव विहार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक मात्र सेंचुरी है। यह क्षेत्र हजारों वर्ग किमी में फैला हुआ है। हस्तिनापु...