हरिद्वार, अप्रैल 30 -- केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि हमारे देश की जनजातीय समुदायों की संस्कृति, परंपराएं और जीवनशैली बेहद समृद्ध हैं। इनके समग्र विकास के लिए हमें उनके पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नीतियों का संतुलित उपयोग करना होगा। भारत सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है ताकि जनजातीय समाज को सशक्त किया जा सके और उन्हें मुख्यधारा में समावेशित किया जा सके। यह बातें उन्होंने पतंजलि में आयोजित चिंतन शिविर के कहीं। गुरुवार को जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से पतंजलि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू हुआ। इसमें भारत के विभिन्न राज्यों के प्रधान सचिव, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और जनजातीय क्षेत्र के अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि उनका मंत्रालय देश में विभिन्न जनज...