जमशेदपुर, मई 25 -- दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले जनजातीय सांस्कृतिक समागम को लेकर आदिवासी संगठनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। इसको लेकर देश भर के आदिवासी संगठनों में दो फाड़ की स्थिति है। एक ओर रविवार को दिल्ली में देश भर से आदिवासियों के जुटने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर आधे से अधिक आदिवासी संगठन इस समागम का कड़ा विरोध कर रहे हैं। विरोध कर रहे संगठनों का आरोप है कि यह आयोजन आदिवासियों के बीच भ्रम फैलाने और जातीय आधार पर समाज को बांटने की एक सोची-समझी कोशिश है। इसमें धर्मांतरण और ईसाई बन चुके आदिवासियों को आरक्षण का लाभ देने के विरोध जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी है, जिसे विरोधी गुट आदिवासियों के मूल अधिकारों से ध्यान भटकाने वाला मान रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में...