रांची, मई 4 -- हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिख वर्ष 2027 की जनगणना में आदिवासी/सरना धर्म कोड को पृथक धार्मिक पहचान के रूप में शामिल करने का अनुरोध किया है। उन्होंने लिखा है कि यह अनुरोध झारखंड की जनता, विशेषकर देश के करोड़ों आदिवासियों की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को भी पत्र लिखा है। पत्र में मुख्यमंत्री ने जनगणना को राष्ट्रपति के कुशल पर्यवेक्षण में शुरू किए जाने के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए उल्लेख किया है कि प्रथम चरण में अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित जानकारी और द्वितीय चरण में व्यक्तिगत आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। सरना धर्म की पृष्ठभूमि और आदिवासी समुदाय के भावनात्मक जुड़ाव को देखते हुए पूर्व में प्रधानमंत्री से भी अलग सरना कोड का प्रावधान रखने का अनुरोध कि...
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