रांची, अगस्त 28 -- झारखंड हाईकोर्ट ने छंटनी किए गए जनगणना कर्मियों को बड़ी राहत दी। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सरकार को इन कर्मियों की पेंशन के लिए अहर्ता सेवा की गणना 3 नवंबर 2004 से करने को कहा है। आइए जानते हैं झारखंड हाई कोर्ट ने क्या कहा है। 2004 में सरकार ने 602 छंटनी किए गए कर्मियों को राजस्व और भूमि सुधार विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में रिक्त तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर समायोजित करने का निर्णय लिया था। कर्मियों की संविदा नियुक्ति 10 जून 1991 से 31 अगस्त 1992 तक बिहार के देवघर क्षेत्र में जनगणना संचालन के क्षेत्रीय उप निदेशक द्वारा संकलनकर्ता पद पर हुई थी। यह भी पढ़ें- MMDR Act के खिलाफ झारखंड में कांग्रेस का हल्लाबोल, 14000 करोड़ के नुकसान का दावाक्या था पूरा मामला जसीडीह के क्षेत्रीय सारणीकरण क...