मुजफ्फरपुर, अगस्त 2 -- औराई स्थित बाबा आनंद भैरव का इतिहास 5000 साल पुराना है। राजा जनक के भाई कुशध्वज का तप स्थल रहा है। इस स्थान को कुशध्वज धाम भी कहते हैं। यहां शिव के भैरव रूप की पूजा होती है। पेश है हमारे प्रतिनिधि शैलेंद्र की रिपोर्ट : --औराई-सैदपुर मुख्य सड़क किनारे स्थित बाबा आनंद भैरव मंदिर के चारों तरफ पांच पोखर है, इनमें जलधारी पोखर, गंगासागर पोखर, शिवसागर पोखर, पुरंदाहा पोखर व नोनही पोखर शामिल हैं। सभी पोखर का अलग-अलग महत्व है। मंदिर समिति के लंबे समय से अध्यक्ष रहे दिवाकर ठाकुर पंडा ने बताया कि रामायण काल से मंदिर का इतिहास जुड़ा है। यह भी पढ़ें- Gridih News: हमारे शिवालय: 1925 में स्वयं-भू अवतरित हुए हैं नवडीहा के सर्वेश्वरनाथ बाबा बताते हैं कि महाराज कुशध्वज ने स्वयं मंदिर का निर्माण कराया था, वैसे तो रोजाना सैकड़ों श्रद्धा...