नई दिल्ली, फरवरी 25 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को जनकपुरी में एक गड्ढे में गिरे 25 साल के युवक की मौत मामले में दो ठेकेदारों को अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया। उच्च न्यायालय ने कहा कि सार्वजनिक सड़कों को मौत का जाल नहीं बनने दिया जा सकता। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि सड़क बनाने के ठेके के अनुसार हिमांशु गुप्ता व कविश गुप्ता की ड्यूटी थी कि वे साइट पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिसमें किसी व्यक्ति या गाड़ी के गड्ढे में गिरने पर जरूरी बचाव उपकरण उपलब्ध कराना, फर्स्ट एड की सुविधा देना, पुलिस व मेडिकल अधिकारियों को तुरंत सूचित करना शामिल है। पीठ ने कहा कि लगभग 20 फीट लंबा, 13 फीट चौड़ा व 14 फीट गहरा गड्ढा, कार्य की अनुमति की शर्तों, टेंडर की शर्तों व ट्रैफिक पुलिस की शर्त...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.