नई दिल्ली, फरवरी 13 -- भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शुक्रवार को कहा कि जज के दिखावा करने से न्यायिक नेतृत्व प्रभावित होता है। यहां राष्ट्रमंडल न्यायिक शिक्षकों (सीजेई) की 11वीं द्विवार्षिक बैठक के उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण देते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायिक संस्थानों की तरह जज भी विकास, सुधार और उन्नति के लिए सक्षम रहते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक नेतृत्व की धारणा में आमूलचूल परिवर्तन का भी आह्वान किया। उन्होंने सदस्य देशों में न्यायिक शिक्षा, बार और न्यायपालिका को एकीकृत करने के लिए एक 'राष्ट्रमंडल सर्वोच्च निकाय' के निर्माण की वकालत की। सीजेआई ने कहा कि इतिहास में सबसे सम्मानित कानून के जानकारों ने कभी भी त्रुटिहीनता या पूर्णता का प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे अपने ज्ञान की सीमाओं के प्रति सचेत रहे, त्र...