चेन्नई, अक्टूबर 30 -- मद्रास हाई ने तमिलनाडु को शुक्रवार को एक खास निर्देश जारी किया। इसमें पुलिस से कहा गया है कि वह ऐसे सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों की अनुमति न दे जो वर्तमान जजों को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने, बदनाम करने या डराने के लिए हों। साथ ही अगर किसी जज को निशाना बनाने के लिए कोई सभा की जा रही हो तो उसे तुरंत रोक दिया जाए। चीफ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया।आदेश में क्या कोर्ट ने अपने आदेश में कहा गया है कि ऐसी किसी भी सार्वजनिक सभा या मार्च के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी जो किसी सक्रिय जज को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने, बदनाम करने या डराने के इरादे से की जा रही है। अगर सभा को अनुमति मिली है और वहां पर निजी हमले होते हैं तो संबंधित अधिकारी तुरंत कार्यक्रम को खत्म करें...