नई दिल्ली, अगस्त 12 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने नई कराधान व्यवस्था के तहत कुछ भत्तों को छूट देने को लेकर जारी विवाद के बीच आयकर विभाग को हाईकोर्ट व शीर्ष अदालत के जजों के आयकर रिटर्न की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति दिनेश मेहता एवं न्यायमूर्ति रजनीश कुमार गुप्ता की पीठ ने नई आयकर व्यवस्था के तहत रिटर्न दाखिल करने वाले जजों के निजी सचिवों को निर्देश दिया कि वे उनके (न्यायधीशों के) पैन नंबर सहित अन्य विवरण अधिकारियों के साथ साझा करें। ये निर्देश 'दिल्ली टैक्स बार एसोसिएशन' की ओर से दायर याचिका पर 22 जुलाई और 10 अगस्त को जारी दो आदेशों में दिए गए। याचिकाकर्ता के मुताबिक जजों को दिए जाने वाले कुछ भत्तों को उच्च न्यायालय न्यायाधीश (वेतन एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 1954 की धारा-22डी और उच्चतम न्यायालय न्यायाधीश (वेतन एवं सेव...