हल्द्वानी, दिसम्बर 3 -- मोहम्मद खालिद खां हल्द्वानी। अल्मोड़ा के चर्चित जगदीश चंद्र हत्याकांड को दो से ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन उनकी पत्नी गीता का संघर्ष अभी थमा नहीं है। पति की मौत के आठ माह बाद जन्मा बेटा अब ढाई साल का हो चुका है, फिर भी गीता के जीवन में सम्मान से अधिक सवालों और तिरस्कार का बोझ है। वह बताती हैं कि आज भी लोग पूछते हैं कि तुमने उस जाति में शादी क्यों की? यही वजह है कि उन्हें कई जगह काम तक नहीं मिलता। हल्द्वानी में रविवार को भोलानाथ गार्डन स्थित सभागार में नारी एकता मंच के कार्यक्रम में गीता आई थी। इस बीच आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' टीम से बातचीत के दौरान गीता ने कहा कि अनुसूचित जाति से आने वाले जगदीश ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थे। वे हमेशा कहते थे कि 'अच्छा सीखो, अच्छा व्यवहार रखो और कभी हार मत मानना'। इन्हीं बातों को ...
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