फरीदाबाद, जुलाई 13 -- फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध ने एक बार फिर औद्योगिक जगत की चिंता बढ़ा दी है। उद्योगपतियों का कहना है कि यदि यह संघर्ष जल्द नहीं थमा तो कच्चे माल की कीमतों में तेजी आ सकती है और आयात-निर्यात की लागत भी बढ़ जाएगी। ऐसे हालात में उअंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना बड़ी चुनौती हो जाएगी। उद्योगपतियों के अनुसार युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पहले ही बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका सीधा असर पेट्रोकेमिकल, रबर, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोलियम आधारित कच्चे माल पर पड़ेगा। इन उद्योगों में उपयोग होने वाले अधिकांश कच्चे माल की कीमतें तेल बाजार से प्रभावित होती हैं। ऐसे में उत्पादन लागत बढ़ने की पूरी संभावना है。

औद्योगिक संगठनों की चिंताएं औद्य...