गोरखपुर, अप्रैल 5 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) से लेकर इंडस्ट्रियल एरिया में टेक्सटाइल यूनिटों का केमिकल से लेकर यार्न की महंगाई से बुरा हाल है। प्रोडक्शन कास्ट 35 से 40 फीसदी तक बढ़ गया है। पुराने ऑर्डर को ही उद्यमी जैसे-तैसे पूरा कर रहे हैं। महंगाई के चलते नए ऑर्डर नहीं मिल रहे है। उद्यमियों का कहना है कि 15 दिन के अंदर युद्ध बंद नहीं हुआ तो यूनिट में उत्पादन ठप करना पड़ सकता है। कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ सकती है। होजरी-गारमेंट उद्योग की मशीनें चल तो रही हैं लेकिन हर चक्कर के साथ मुनाफा नहीं बल्कि नुकसान गिन रही हैं। ईरान-अमेरिका जंग के तनाव ने ऐसा असर डाला है कि वर्षों पुरानी मजबूत सप्लाई चेन की बुनियाद हिल गई है। हालात है कि उद्यमियों को बाजार में टिके रहने और पुराने ऑर्डर बचाने के लिए 40 फ...