अलीगढ़, मार्च 31 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। मध्यपूर्व जंग के बीच चल रही एलपीजी गैस किल्लत ने इंडक्शन के दौर में लोगों को स्टोव की याद दिला दी है। साल 2020 में राशन दुकानों से मिट्टी का तेल वितरण पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। वहीं अब एक बार फिर से सरकार ने मिट्टी तेल वितरण का फैसला लिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार में एकाएक स्टोव की मांग बढ़ सकती है। हालांकि स्टोव वालों ने वर्षों पूर्व काम ही बंद कर दिया है। मिट्टी तेल उपलब्ध कराने के निर्देश के बाद सोशल मीडिया पर भी यह विषय चर्चा का विषय बन गया है। युवा पीढ़ी को हैरान कर दिया है जो गैस चूल्हे के अलावा कुछ नहीं जानती थी। 90 के दशक से पहले की की वह तस्वीर भी लोगों के जेहन में ताजा हो गई है। जब रसोई का मतलब पीतल या लोहे का वह चमकता स्टोव हुआ करता था। आज जब हम एक बटन दबाकर नीली ल...