कन्नौज, अप्रैल 3 -- कन्नौज, संवाददाता। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के जरिए सीधे आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लगा है। क्रूड ऑयल की सप्लाई प्रभावित होने से परिवहन और उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर अब शहर समेत जिले के बाजार में हर स्तर पर दिखाई दे रहा है। सबसे पहले असर प्लास्टिक पैकेजिंग उद्योग पर पड़ा, क्योंकि यह पूरी तरह पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भर है। पैकेजिंग मटेरियल महंगा होने से कपड़ा उद्योग पर सीधा दबाव बढ़ा है। थोक व्यापारियों के अनुसार कपड़ों की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले पॉलीबैग, बॉक्स और अन्य सामग्री के दाम तेजी से बढ़े हैं, जिससे उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है। परिणामस्वरूप कई निर्माताओं ने पांच से दस प्रतिशत तक कपड़ों के दाम बढ़ा दिए हैं। स्थिति का फायदा उठाते हुए कई खुदरा...