मऊ, अप्रैल 1 -- मऊ, संवाददाता। खाड़ी देशों में चल युद्ध ने जिले में रसोई गैस की ऐसी किल्लत पैदा कर दी है कि घरों की रसोई की आंच तो धीमी हुई ही है होटल और ढाबों वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। रोजगार चलता रहे और आर्थिक तंगी में न फंसे इसे मद्देनजर रखते हुए होटल-ढाबे वाले ड्रम एवं ईंट की भठ्ठियां तैयार कर रहे हैं। जिससे वह लकड़ी एवं कोयला के सहारे अपने रोजगार को जीवित रख सकें। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह है कि होम डिलेवरी ने और मुश्किल पैदा कर दी है। कई-कई दिन पहले बुकिंग के बाद भी लोगों को रसोई गैस नहीं मिल पा रही है।रसोई गैस की आंच ने घरों की रसोई को तो संकट में डाल ही दिया है होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंटों, फुटपाथ पर चाट, छोला भठूरा, चाऊमीन, मोमोज की दुकान लगाने वा...