चतरा, मार्च 13 -- सिमरिया, निज प्रतिनिधि। सिमरिया प्रखंड में दो वन प्रक्षेत्र सिमरिया और पीरी है। इस क्षेत्र में बहुतायत मात्रा में महुआ के पेड जंगल में उगा हुआ है। इसे बिनने को लेकर लोग जंगल में आग लगा देते हैं। यह आग धीरे धीरे पूरे वन क्षेत्र को अपने आगोश में लेकर नवजात पौधों के साथ पशु पक्षियों के अंडे और नवजात बच्चे को अपने आगोश में लेकर अस्तित्व ही मिटा देता है। इस आग में सबसे अधिक क्षति जमीन के अंदर और जमीन के उपर अंडे और बच्चे देने वाले पशु पक्षियों के अस्तित्व ही खतरे में है। पहले सुबह और शाम जंगल में खरगोश हिरण, मोर, जंगलीमुर्गे के साथ विभिन्न प्रजाति के छोटी छोटी पक्षियों के चहचाने की गुंज से मन आंदित हो उठता था। परंतु महुआ के कारण लगने वाले आग और कही कही शिकारियों द्वारा भी जंगल में आग लगा कर बड़े बड़े पशुओं के शिकार किये जाते है...
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