लातेहार, मार्च 6 -- बेतला, प्रतिनिधि। गर्मी के दिनों में अक्सर जंगलों में आग लगने की प्रबल संभावना बनी रहती है। इसलिए इस बार संभावित आगलगी की घटना से जंगलों को बचाने के लिए वन-प्रबंधन पूर्व से ही पूरी तरह चौकस और मुस्तैद है। इस बारे में प्रभारी रेंजर उमेश कुमार दुबे ने बताया कि गर्मी के मौसम में अधिकांश ग्रामीण महुआ चुनने के लिए पेड़ के पास खर-पतवारों को जलाकर साफ-सफाई करते हैं। ऐसे में खर-पतवारों को जलाने के दौरान उनसे उठे चिंगारियों के जरिए जंगलों में आग लगने की प्रबल आशंका बनी रहती है। इसलिए महुआ पेड़ों के पास साफ-सफाई करने के दौरान ग्रामीणों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। रेंजर दूबे ने यही भी कहा कि ग्रामीणों की थोड़ी सी लापरवाही से विभाग को न सिर्फ लाखों-करोड़ों रुपये का नुकसान होता है,बल्कि जंगलों के बहुमूल्य वनपस्तियां और पौधे ध...