मोतिहारी, अगस्त 8 -- मोतिहारी, हिप्र.। अब जंगलों से बाहर आबादी वाले इलाको में भी यदि बाघ, तेंन्दुआ, हाथी या अन्य वन्यप्राणियों के हमले से किसी व्यक्ति की मौत होती है, वह घायल होता है या पशुधन और सम्पत्ति को नुकसान पहुंचता है तो परिवार को सरकारी सहायता देने का प्रावधान किया गया है। यह भी पढ़ें- Buxar News: वन्यजीवों से क्षति पर 10 लाख तक की मिलेगी सहायतासरकारी सहायता की जानकारी डीएफओ अमित कुमार ने बताया कि पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग ने गैर-वन क्षेत्रों में वन्यजीवों से होने वाली क्षति पर सहायता राशि देने के लिए गाइड लाइन जारी किया है। मौत होने पर मिलेगा दस लाख: डीएफओ ने बताया कि पिछलें कुछ वर्षों में बाघ, तेन्दुआ, हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों के जंगल से निकलकर गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने की घटनाओं में बढोतरी हुई है।...