मुजफ्फरपुर, सितम्बर 21 -- मुजफ्फरपुर, गुलशाद अहमद। कोर्ट में अब हाथ से लिखी केस डायरी मान्य नहीं रही। हर केस डायरी लैपटॉप से ई-साक्ष्य एप पर अपडेट करनी है। इसी की प्रति कोर्ट में ली जाएगी। इस नए नियम से 50 साल पार कर चुके दारोगा और जमादारों पर कंप्यूटर सीखने का दबाव बढ़ गया है। अब वे घर में अपने छोटे बच्चों और थाने में नए बैच के सिपाहियों से लैपटॉप चलाना और टाइपिंग सीख रहे हैं।

डिजिटल प्रक्रिया का आवाहन पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अनुसंधान से जुड़ी सभी प्रक्रिया डिजिटल करनी है। केस डायरी, गिरफ्तारी मेमो, जब्ती सूची, साक्ष्यों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी सब कुछ ई-साक्ष्य एप पर अपलोड करना अनिवार्य है। हाथ से लिखी डायरी कोर्ट में मान्य नहीं होगी। ऐसे में जो दारोगा अब तक पेन-कॉपी से ही काम चला रह थे, उनके लिए मुश्किल खड़ी ह...