प्रयागराज, मार्च 11 -- महिलाओं से जुड़े छोटे मामलों में तो निस्तारण थाने स्तर पर ही हो जाना चाहिए। तमाम ऐसे प्रकरण दिख रहे हैं, जिसमें समय पर सक्रियता दिखाई जाती तो कोर्ट कचहरी के चक्करों से मुक्ति मिल जाती है। यह बातें उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने सर्किट हाउस सभागार में जनसुनवाई के दौरान कहीं। सदस्य ने इस दौरान 50 मामलों की सुनवाई की, जिसमें कुछ का मौके पर ही निस्तारण किया। चाका निवासी शर्मिला ने बताया कि ससुराल वाले उनसे मारपीट करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। सदस्य ने दोनों पक्षों को 19 मार्च को लखनऊ स्थित कार्यालय पर सुनवाई के लिए बुलाया। बालू मंडी करैलाबाग निवासी कल्लो ने बताया कि भूमिधरी पर विपक्षियों ने जबरन मिट्टी डालकर अतिक्रमण कर लिया है। सदस्य ने इस पर थाने को कार्रवाई कर आयोग को सूचित करन...