नई दिल्ली, जुलाई 5 -- लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों, मिसाइल और ड्रोन को प्रमुखता देने के बाद अब भारत 100 किलोमीटर की रेंज वाले हथियारों और सेना के उपकरणों पर फोकस कर रहा है। डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने लगभग 52000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी दी है। इससे पहले जो भी रक्षा खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ी है उसमें महंगे विमानों, युद्धपोतों, लॉन्ग रेंज मिसाइलों और ड्रोन सिस्टम को प्रमुखता दी गई थी। हालांकि इस बार एंटी टैंक मिसाइल, शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम, कैमिकेज ड्रोन की खरीद को मंजूरी दी गई है। साफ तौर पर कहा जा सकता है कि भारत अपने आसपास के देशों से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहता है।शॉर्ट रेंज वॉर की तैयारी पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के सीमाई इलाकों में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए। हालांकि...