लखनऊ, अप्रैल 24 -- मोहनलालगंज। संवाददाताघर चलाने के लिए जिन हाथों में कभी सांप फुंकारते थे, अंग्रेजी मीडियम स्कूल में गांव के बच्चों को जाते देख खुद पढने जाने की ललक थी, लेकिन आर्थिक संकट के चलते परिवार निजी स्कूल में एडमीशन नहीं करा पा रहा था। सांसद आरके चौधरी गांव पहुंचे तो बच्चे ने पढ़ने की इच्छा जताई। बच्चे की मेधा को देखकर सांसद ने उसका दाखिला निजी स्कूल में कराने के साथ ही उसकी पढाई का खर्चा खुद उठाने की घोषणा की।सांसद आरके चौधरी सपेरों की बस्ती सौसीरन पहुंचे। गांव के बड़ों से लेकर छोटे बच्चे सांप का खेल दिखाते हैं। सांसद को गांव में देख सात साल का बच्चा सोरेन उनके पास पहुंचा। उसने बताया कि वह प्राइमरी स्कूल में कक्षा दो का छात्र है। उसका सपना निजी स्कूल में पढ़ने का है। परिवार के सदस्यों की तरह सांप दिखाने का काम न करना पड़े। सांसद...