नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में अब पारंपरिक भाप इंजन वाली छुक-छुक ट्रेनों के बजाए हाइड्रोजन ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी। भारतीय रेलवे ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कालका-शिमला और नीलगिरि जैसे संवेदनशील पर्वतीय रेल मार्गों पर हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। यह पहल पर्वतीय क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित करने और उन्हें प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी। रेल मंत्रलाय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन का सफल संचालन हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर पूरा कर लिया है। इस सफल शुरुआत के बाद अब रेलवे ने कालका-शिमला, नीलगिरि माउंटेन रेलवे और दार्जिलिंग जैसे नाज़ुक पारिस्थितिकी तंत्र वाले धरोहर मार्गों पर इन्हें उतारने की ...