प्रयागराज, मार्च 12 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय विरासत कला उत्सव का गुरुवार को रंगारंग समापन हुआ। उत्सव के अंतिम दिन का आकर्षण बनारस घराने से ताल्लुक रखने वाली गाजियाबाद की कव्वाल गायिका चंचल भारती रहीं। उन्होंने सूफियाना अंदाज और अपनी गायिकी से श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया। गायिका ने प्रस्तुति की शुरुआत 'सीताराम-सीताराम कहिए' से की, फिर 'छाप तिलक सब छीनी मोसे नैना मिलाइके...' की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायिका ने 'बहुत कठिन है डगर पनघट की', 'क्या मेरी खताएं है इतना तो बता दीजिए' और 'दमा-दम मस्त कलंदर' की प्रस्तुति से समां बांध दिया। इसके पहले उत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि गायिका संगीता राय, केंद्र के उपनिदेशक डॉ. आदित्य श्रीवास्तव व डॉ. म...