औरंगाबाद, मार्च 12 -- औरंगाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, औरंगाबाद के धावा दल के द्वारा जिले में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में बाइपास के समीप स्थित आर.एम. वाशिंग सेंटर, औरंगाबाद से एक बाल श्रमिक को कार्यरत अवस्था में पाए जाने पर विमुक्त कराया गया। नियोजक के विरुद्ध बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। दोषी नियोजक को छह माह से दो साल तक के कारावास तथा 20 हजार से 50 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में दोषी नियोजक से 20 हजार रुपए की राशि जिला बाल कल्याण एवं पुनर्वास कोष में जमा कराई जाएगी। विमुक्त कराए गए बाल श्रमिक के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की ...