बरेली, अप्रैल 11 -- डिजिटल अरेस्ट मामले में आठवीं के छात्र तन्मय उर्फ तनु ने अपने परिवार को ठगी से बचा लिया। परिवार से 6 लाख रुपये मांगे गये थे। कोर्ट वारंट भेजकर मानसिक दवाब बनाया गया। तन्मय की सूझबूझ काम आई। जिससे परिवार ठगी से बच गया। इस मामले में पुलिस ने तन्मय को एडीजी आफिस बुलाकर सम्मानित किया। इतना ही नहीं उसे साइबर जागरुकता का ब्रांड एंबेस्डर बनाने को कहा गया है। प्रेमनगर के सुर्खा मोहल्ला में आजादनगर निवासी चंद्रशेखर से 6 अप्रैल को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का प्रयास हुआ। ठगों ने फोन कॉल करके खुद पुणे एटीएस से बताया। वीडियो कॉल करके 10 घंटा तक परिवार को डिजिटल अरेस्ट रखा गया। आंतकी लिंक बताकर बैंक पास बुक, आधार आईडी ले ली गई। ठगों ने उनका कोर्ट वारंट मोबाइल स्क्रीन पर दिखाया। कहा गया, कुछ देर में पुलिस आपके घर पहुंच जाएगी। या फिर 6 ला...
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