नई दिल्ली, सितम्बर 10 -- देश की सबसे बड़ी अदालत ने गुरुवार को एक बेहद अहम सुनवाई के दौरान अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है। दिल्ली में हुए उग्र छात्र प्रदर्शनों और पुलिस की कथित ज्यादती की जांच के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति में किसी भी तरह का बदलाव करने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया है। पूर्व न्यायाधीश आर सुभाष रेड्डी की अगुवाई में बनी इस कमेटी पर याचिकाकर्ताओं ने सवाल खड़े किए थे लेकिन अदालत ने इन तमाम आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट का मानना है कि महज शक या पूर्वाग्रह की आशंका के आधार पर उस कमेटी को भंग नहीं किया जा सकता जिसे खुद अदालत ने बड़ी सोच-समझकर नियुक्त किया है।बिना किसी ठोस वजह के निष्पक्षता पर न उठाएं उंगली: सुप्रीम कोर्ट इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य...