लखनऊ, अक्टूबर 30 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददातायूपी की बालवाटिकाओं, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्रों को मिड डे मील परोसने से पहले उसे दो वयस्क चखेंगे। भोजन के स्वाद व गुणवत्ता की जांच इन दो वयस्कों से कराने के बाद ही मिड डे मील वितरित किया जाएगा। रोस्टर आधारित इस प्रणाली को सख्ती के साथ लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर जांच में लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना हुई जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।रसोइयां व माता समिति के दो सदस्यों को प्रतिदिन विद्यालय में आमंत्रित कर उनसे भोजन की जांच कराया जाना आवश्यक है। कोई भी विद्यालय इस कार्य में लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं मिड डे मील के लिए उपलब्ध कराए जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता पर भी पूरा जोर देने के निर्देश दिए गए हैं। कोटेदार से प्राप्त खाद्यान्न उच्च ग...