उन्नाव, फरवरी 5 -- उन्नाव। शहर के गायत्री मंदिर में छह बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार हुआ। प. चंद्रकिशोर द्विवेदी ने बटुकों को यज्ञोपवीत धारण कराते हुए कहा कि यज्ञोपवीत का भारतीय धर्म में सर्वोच्च स्थान है, इसे द्विजत्व का प्रतीक माना गया है। शिखा सूत्र हम हिंदुओं की पहचान है। बटुकों में अश्वनी त्रिवेदी, आयुष बाजपेई, सूरज तिवारी, उत्सव मिश्रा, मयंक अवस्थी, शिवम शुक्ला रहे। व्यवस्थापक सिद्धनाथ श्रीवास्तव ने बताया, गायत्री को गुरुमंत्र कहा जाता है। यज्ञोपवीत धारण करते समय वेदारंभ गायत्री मंत्र से कराया जाता है। यज्ञोपवीत माता पिता आचार्य के प्रति कर्तव्य पालन की प्रेरणा देता है। इसे आजीवन धारण करते रहना चाहिए। इस दौरान अजय शुक्ला, सुरेश मिश्र आदि रहे।

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