हमीरपुर, अप्रैल 3 -- भरुआ सुमेरपुर। वर्णिता संस्था के तत्वावधान में छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष डॉ.भवानीदीन ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल मराठा साम्राज्य के संस्थापक ही नहीं थे, अपितु रणकौशल के महारथी भी थे। इनका जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी में शाहजी भोंसले और जीजाबाई के घर हुआ था। ये प्रारम्भ से ही देशधर्मी थे। इन्होंने मुगलों से जमकर लोहा लिया, औरंगजेब का भी मुकाबला किया। इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। 1674 में रायगढ़ में इनका राज्याभिषेक हुआ और ये छत्रपति बन गए। ये हिन्द स्वराज के सूत्रधार भी थे। इन पर माता पिता का बहुत प्रभाव था। कालांतर में इन्हें विष दिया गया और इनका 3 अप्रैल 1680 को निधन हो गया। इस कार्यक्रम में सिद्धा, प्रेम, सागर, प्रिन्स, रिचा, महावीर प्रजापति, रामनरायन सोनकर,...