रायपुर, नवम्बर 20 -- छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सर्किट रेट या गाइडलाइन दरों में संशोधन कर दिया गया है। साल 2017-18 के बाद पहली बार यह संशोधन किया गया है, जिससे किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। गाइडलाइन नियम 2000 के अनुसार दरों का प्रतिवर्ष पुनरीक्षण आवश्यक है, लेकिन सात सालों से संशोधन न होने के कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर हो गया था। इससे किसानों, संपत्ति धारकों और ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को मूल्यांकन, मुआवजा और बैंक लोन में नुकसान उठाना पड़ रहा था। नगरीय क्षेत्रों में दरों को पहली बार सड़क के आधार पर निर्धारित किया गया है, ताकि एक ही सड़क और समान परिस्थितियों वाले क्षेत्रों की दरें समान रहें। अब आम नागरिकों के लिए दरों को...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.