छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण करने पर आदिवासी परिवार को गांव से निकाला, फिर एक शर्त पर मिली वापसी की इजाजत
नारायणपुर, जून 30 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के एक गांव के कुछ लोगों को धर्म परिवर्तन करने का फैसला भारी पड़ गया, क्योंकि ऐसा करने के बाद गांव के अन्य लोगों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। हालांकि जब उन लोगों ने जब अपना फैसला बदल लिया और मूल धर्म में लौट आने पर सहमति जताई, तो लोगों ने उन्हें वापस गांव में आने दिया। इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि यह घटना जिले के खड़कागांव में हुई। घटना की जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि आदिवासी समुदाय के सदस्य मंटू डुग्गा ने ईसाई धर्म अपना लिया था, जबकि उनका बेटा मोहन डुग्गा कबीर पंथ को मानने लगा था। जिसके बाद मोहन डुग्गा के परिवार को गांव से बार निकाल दिया गया था। मोहन डुग्गा ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें गांव में रहने से रोका जा रहा था क्योंकि वह अन्य पंथ को मानते थे।'आदिवासी प्रथ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.