रायपुर, अप्रैल 18 -- छत्तीसगढ़ में गलत तरीके से धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 अब कानून बन गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू हुए इस अधिनियम का उद्देश्य प्रलोभन, भय या धोखे से होने वाले धर्म परिवर्तन पर लगाम लगाना है। नए नियमों के अनुसार, स्वेच्छा से धर्म बदलने वालों को जिला प्रशासन को पूर्व सूचना देकर अनुमति लेनी होगी। इस कानून में उल्लंघन करने वालों के लिए 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। विशेष रूप से महिलाओं, नाबालिगों और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के मामलों में सज अधिक सख्त है।क्या है मकसद? राज्यपाल रमेन डेका ने 6 अप्रैल को छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 पर हस्ताक्षर किए। अब इसको सरकारी गजट में छपने के बाद लागू कर दिया गया है। उपमुख्यमंत्री विज...
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