आदित्यपुर, अप्रैल 11 -- चांडिल,संवाददाता। ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के गौरांगकोचा में जंगल महाल, केन्दुआटांड़ की ओर से छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। कलाकारों ने छऊ नृत्य के माध्यम से आदिवासी कला संस्कृति की झलक प्रस्तुत किया। मौके पर चांडिल बांध विस्थापित मत्स्यजीवी स्वावलंबी सहकारी समिति के अध्यक्ष नारायण गोप ने कहा कि छऊ प्राचीन नृत्य शैली है। जिसका सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व है। इस मौके पर नारायण गोप, गोलक गोप, उप मुखिया मंगलू गोप, पंसस कालीचरण लायक, मंटू महतो, मनसुख महतो, गणेश महतो आदि मौजूद थे।

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