बोकारो, जून 30 -- कसमार प्रखंड के मुरहुलसुदी पंचायत के चौड़ा गांव में आदिवासी एकता मंच के बैनर तले आदिवासी समुदाय ने हूल दिवस मनाया। इस दौरान सभी लोगों ने सिदो कान्हू की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर हूल के महानायकों को नमन करते हुए जल, जंगल, जमीन व झारखंडी अस्मिता व संस्कृति की रक्षा का संकल्प लिया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता श्रीकांत सोरेन ने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सिदो कान्हू, चांद भैरव, देवमणि व हूल के हजारों हजार शहीदों ने जो विद्रोह किया, उस विद्रोह की बदौलत ही अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा। हम सभी को हूल के अमर शहीदों से प्रेरणा लेकर जल, जंगल, जमीन व हमारी संस्कृति, अस्मिता की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहता होगा। यह भी पढ़ें- हूल केवल इतिहास नहीं, अन्याय के विरुद्ध हमारी चेतना है : हेमंत मौके पर पंसस हेमंती देवी, संयोति देवी, स...