बलरामपुर, अप्रैल 19 -- बलरामपुर, संवाददाता। बलुहा में आयोजित चौरसिया समाज की जागरूकता गोष्ठी में सामाजिक जीवन में आचरण की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. बीआर चौरसिया ने की। उन्होंने कहा कि पढ़ने योग्य लिखने से लाख बेहतर है, लिखने योग्य कार्य करना, यह पुरानी कहावत आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। डॉ. चौरसिया ने कथनी और करनी के अंतर पर प्रकाश डाला। कहा कि लोग अक्सर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन वास्तविक महत्व इस बात का है कि उनका दैनिक जीवन कैसा है। उन्होंने कहा कि अच्छे कर्म करने से मन और वचन दोनों को शक्ति मिलती है। मानव जीवन को श्रेष्ठ बताते हुए उन्होंने कहा कि पशु भी अपना जीवन व्यतीत कर लेते हैं, लेकिन इंसान को विशेष गुणों के कारण श्रेष्ठ माना गया है। ऐसे में यह जीवन परोपकार और समाज सेवा म...