नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता कराने के लिए एड़ी चोटी एक कर रहा पड़ोसी देश पाकिस्तान दो-धारी तलवार पर चल रहा है। एक तरफ वह शांति दूत बनकर अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत करवा रहा है, तो दूसरी तरफ उसका सऊदी अरब के साथ ऐसा रक्षा समझौता है, जो उसे उसी युद्ध में धकेल सकता है। होर्मुज समुद्री मार्ग की अमेरिका द्वारा नाकाबंदी के बाद पश्चिम एशिया में हालात तेजी से उलझते दिख रहे हैं। इससे पाकिस्तान की चिंता और मजबूरी गहरा गई है क्योंकि ईरान और सऊदी की शत्रुता पुरानी है और इस जंग में भी उसकी बानगी दिखी है। होर्मुज संकट के बाद सऊदी पर ईरानी हमले का खतरा बढ़ा है। पाकिस्तान की इसी मजबूरी का नतीजा है कि उसने अपने फाइटर जेट्स और अन्य जेट सऊदी अरब भेजे हैं। ये विमान किंग अब्दुल अजीज एयर बेस पर उतरे हैं। पाकिस्तान ने ऐसी सैन्य कार...