गोरखपुर, सितम्बर 23 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पितृपक्ष इस वर्ष 27 सितंबर से प्रारंभ होकर 10 अक्तूबर (पितृ विसर्जन) तक रहने वाला है। हृषिकेश पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आश्विन कृष्ण पक्ष 14 दिनों का है, लेकिन श्राद्ध कार्य 16 दिन किए जाएंगे। दरशल, अनुकूल समय (कुतप बेला) में श्राद्ध किया जाता है, लेकिन श्राद्ध एक दिन पूर्व पूर्णिमा से ही आरंभ हो जाता है। आश्विन कृष्ण पक्ष समाप्त हो जाने पर शुक्ल पक्ष में भी पुत्री के पुत्रों के लिए मातामह (नाना जी के लिए) श्राद्ध किया जाता है। शास्त्रों में नाना को पिता से कम महत्व नहीं दिया गया है। अतः अपनी प्रगति के लिए दौहित्रकृत श्राद्ध का निर्धारण किया गया है। इस प्रकार श्राद्ध का काल 16 दिनों का हो जाएगा。 यह भी पढ़ें- क्या नवरात्रि 2026 अक्टूबर में है, जानें सही दिन...