गया, मार्च 16 -- वैसे तो गया जी में सालों भर पिंडदान होता है। लेकिन, तीन पितृपक्ष पखवारे में पितरों के लिए गयाश्राद्ध का विशेष महत्व है। आश्विन, पौष व चैत्र के कृष्ण पक्ष में पूर्वजों के लिए पिंडदान करना विशेष स्थान रखता है। इस वक्त चैत्र कार्तिक पक्ष चल रहा है। यही कारण है कि गया जी में पिंडदान करने वालों की भीड़ बढ़ी हुई। विष्णुपद मंदिर से लेकर फल्गु के घाटों पर अलग-अलग राज्यों के पिंडदानी पूर्वजों के लिए गयाश्राद्ध करते नजर आ रहे हैं। हजारों पिंडदानियों की भीड़ से विष्णुपद का इलाका गुलजार है। फल्गु के देवघाट, गजाधर घाट, संगत घाट,रबर डैम व सीताकुंड की रौनक बढ़ी हुई है। प्रतिदिन करीब 30 से 35 हजार तीर्थयात्री पिंडदान कर रहे हैं। आश्विन व पौष के बाद चैत्र में विष्णुपद और अंदर गया की गलियों की रौनक बढ़ी हुई नजर आ रही है। गयापाल और पंडित जी के स...