सहरसा, मार्च 20 -- महिषी, एक संवाददाता। चैती नवरात्र के शुभ अवसर पर स्थानीय अति प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ उग्रतारा मंदिर में गुरुवार से पूजा-अर्चना एवं श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो उठा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी मानव कल्याण और विश्व शांति के उद्देश्य से वशिष्ठ चबूतरा पर बाल पंडितों द्वारा प्रतिपदा से नवमी तक अहर्निश दुर्गा सप्तशती पाठ का संकल्प लिया गया है। श्री उग्रतारा वेद विद्या केंद्र के संस्थापक आचार्य शत्रुघ्न चौधरी के संयोजन एवं पंडित अमित कुमार के नेतृत्व में यजमान उज्ज्वल ने वैदिक विधि-विधान से कलश स्थापना की। आचार्य चौधरी ने बताया कि वर्ष में चार नवरात्र होते हैं, जिनमें चैती और आश्विन नवरात्र का विशेष महत्व है। 26 मार्च को नवमी तिथि पर हवन के साथ पूर्णाहुति दी जाएगी।
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