लातेहार, मार्च 23 -- लातेहार, हिटी। सूर्योपासना का चार दिनी धार्मिक अनुष्ठान चैती छठ महाव्रत रविवार को नहाय खाय के नेम और मधुर भक्ति गीतों के साथ शुरू हो गया। इस दिन व्रतियों ने परंपरागत तरीके से स्नान ध्यान और अरवा चावल,चना दाल और लहसुन -प्याज रहित सादगीपूर्ण भोजन करने के बाद देर शाम तक भिक्षाटन किया। वहीं शाम में भुवन भास्कर का विधिवत पूजा-अर्चना करने के पश्चात आरती की।इसबारे में पुजारी त्रिभुवन पांडेय,पंडित श्यामनाथ पाठक,यशवंत पाठक,अर्जुन पांडेय,सुरेंद्र पाठक,बिट्टू पाठक आदि ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान में भिक्षाटन का खास महत्व है। भिक्षाटन करने से व्रतियों के सभी तरह के दंभ खत्म हो जाते हैं। जिससे भक्ति मार्ग का द्वार स्वत: खुल जाता है। वहीं पुजारियों ने किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में भिक्षाटन करने को निहायत जरूरी बताया। इधर कुछ व्रतिय...