चेरुवायल रमन: धान की 45 किस्मों को बचाने वाले पद्म श्री विजेता किसान का निधन, राहुल-प्रियंका गांधी ने जताया दुख
नई दिल्ली, अक्टूबर 15 -- केरलम में पारंपरिक धान की किस्मों को बचाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर देने वाले एवं पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित आदिवासी किसान चेरुवयाल रमन का बुधवार को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। मनानथावडी स्थित कम्मनम के रहने वाले रमन, धान की ऐसी 45 से अधिक देसी किस्मों को बचाने के लिए जाने जाते हैं, जिनके विलुप्त होने का खतरा था। उन्होंने दशकों तक पारंपरिक जैविक खेती के तरीकों को अपनाया और इलाके की खेती-बाड़ी से जुड़ी पंरपरा को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने का काम किया। रमन कम्मनम नवोदय लोअर प्राइमरी स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद, 10 साल की उम्र से खेती-बाड़ी में अपने परिवार का हाथ बंटाने लगे थे। खेती के प्रति उनका जुनून इतना ज्यादा था कि उन्होंने 1969 में कन्नूर ...
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